ईसाई धर्म हिंदी में Isai Dharm in Hindi

अगर आप भी यही जानना चाहते है की Isai Dharm क्या है और Isai Dharm in Hindi के बारे में जानकारी ,तो इस पोस्ट को अंत तक देखें . यहाँ पर आपको इसाई धरम के बारे में परिचय, इतिहास, संप्रदाय के सम्बन्ध में विस्तार से बताया जा रहा है –

इसाई धर्म हिंदी में Isai Dharm in Hindi

इसाई धर्म का परिचय

ईसाई धर्म दुनिया में सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत धर्म है। ईसा मसीह के वचनों पर चलने वाले इस धर्म का इतिहास रोचक घटनाओं और प्रेरक संदेशों से भरा पड़ा है। ये धर्म ईसा मसीह के तालीमात पर अम्ल करते है .
ईसाई धर्म ने अपनी सर्वोच्चता के लिए कई यातनाएं सहन की हैं और आज दुनिया के सबसे सम्मानित धर्मों में से एक बन गया है। मानवता को सर्वोच्च मानने वाले ईसाई धर्म की लोकप्रियता का एक मुख्य कारण इसका लचीलापन है।

Isai Dharm in Hindi

ईसाई धर्म विश्व के प्रमुख धर्मों में से एक है, जिसके ताबईन ईसाई कहलाते हैं। ईसाई धर्म के पैरोकार ईसा मसीह की तालीमात पर अमल करते हैं।

ईसाई धर्म हिंदी में Isai Dharm in Hindi
Isai Dharm in Hindi

ईसाई धर्म का इतिहास इन हिंदी

ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा मसीह का जन्म 6 ईस्वी में हुआ था। पूर्व में हुआ। अपने जीवनकाल के दौरान, यीशु मसीह ने दुनिया भर में ईसाई धर्म फैलाने का सपना देखा।
ईश्वर और मानवता में उनकी आस्था को देखकर लोगों ने उनके बताए मार्ग का अनुसरण किया। रोमन साम्राज्य के खिलाफत और ईसा मसीह के मसीहा | ईसाई धर्म में ईसा मसीह को ईश्वर का पुत्र माना जाता है। ईसा मसीह के जन्म के समय यहूदी लोग रोमन साम्राज्य के अधीन थे।

और अपनी आज़ादी के लिए बेचैन था। लेकिन जल्द ही ईसा मसीह यहूदियों के जीवन में प्रकाश के रूप में आ गए। वह जल्द ही गरीबों की मदद करके जनता के बीच लोकप्रिय हो गए।

यीशु मसीह की मृत्यु

लेकिन ईसा मसीह की लोकप्रियता के तुरंत बाद उनके कुछ विरोधी भी सामने आ गए।
यहूदियों के धर्मसभा ने उन्हें पाखंड का आरोप लगाते हुए और खुद को भगवान का पुत्र बताते हुए मौत की सजा सुनाई। उसे सूली पर लटका दिया गया था।
उनकी मृत्यु के समय भी ईसा मसीह का मानवता में विश्वास नहीं डगमगाया और उन्होंने अपने अनुयायियों को एक संदेश दिया। “इन लोगों को क्षमा कर दो (जिन्होंने यीशु मसीह को दण्ड दिया), वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं।

ईसाई धर्म के संप्रदाय कौन-कौनसे है ?

ईसाई धर्म में कई समुदाय हैं जैसे रोमन कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, ऑर्थोडॉक्स, मोरोनी, इवेंजेलिकल आदि। इनमें से रोमन कैथोलिक संप्रदाय के लोग मानते हैं। वेटिकन स्थित पोप ईसा मसीह के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी हैं। लेकिन प्रोटेस्टेंट संप्रदाय से जुड़े लोग पोप की सर्वोच्च शक्ति में विश्वास नहीं करते हैं, उनका दृष्टिकोण बहुत उदार है। वह समय के साथ नियमों को बदलने पर जोर देते हैं।

ईसाई धर्म का चिन्ह

ईसाई धर्म का चिन्ह क्रॉस है ,इससे ईसाई धर्म में पवित्र मन जाता है .

ईसाई धर्म से जुड़े कुछ तथ्य

  • ईसाई धर्म के संस्थापक हैं ईसा मसीह
  •  ईसाई धर्म का प्रमुख ग्रंथ है- बाइबिल
  •  ईसा मसीह का जन्म जेरूसलम के पास बैथलेहम में हुआ था।
  •  ईसा मसीह की माता का नाम मैरी और पिता का नाम जोसेफ था।
  • ईसा मसीह ने अपने जीवन के 30 साल एक बढ़ई के रूप में बैथलेहम के पास नाजरेथ में बिताए।
  • ईसाइयों में बहुत से समुदाय हैं मसलन कैथोलिक, प्रोटैस्टैंट, आर्थोडॉक्स, मॉरोनी, एवनजीलक।
  •  क्रिसमस यानी 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है।
  • ईसा मसीह के पहले दो शिष्य थे पीटर और एंड्रयू
  •  ईसा मसीह को सूली पर रोमन गवर्नर पोंटियस ने चढ़ाया था।
  •  ईसा मसीह को 33 ई. में सूली पर चढ़ाया गया था।
  •  ईसाई धर्म का सबसे पवित्र चिह्न क्रॉस है।
  •  ईसाई एकेश्वरवादी हैं, लेकिन वे ईश्वर को त्रीएक के रूप में समझते हैं- परमपिता परमेश्वर, उनके पुत्र ईसा मसीह (यीशु मसीह) और पवित्र आत्मा।

Related Posts :

This Post Has One Comment

Leave a Reply